“Parakram Diwas”

India is celebrating Parakram Diwas. .The Government of India decided to observe Netaji Subash Chandra Bose’s birth anniversary on January 23 every year as Parakram Diwas. The Centre announced its move to pay tribute to the freedom fighter to inspire the youth of the nation to ‘act with fortitude in the face of adversity’. Ahead of Netaji’s 125th birth anniversary, the Ministry of Culture issued a circular announcing January 23 to be observed as Parakram Diwas every year from now on.

Parakram Diwas

Subhash Chandra Bose aka Netaji (23 January 1897 – 18 August 1945)

Place of birth – Cuttack, Orissa (present Odisha).

Education : 1919 – BA (Hons), University of Calcutta.
1921 – Tripas (Hons) in Mental and Ethical Sciences, London.
Earlier, in 1920, he passed the prestigious civil service examination ICS, (England) for the first time but resigned a few days later due to patriotism.

Political Party and Title:

  • Political party – Indian National Congress 1921–1940 (became party president in 1938)
  • Founder of All India Forward Bloc (1939–1940)
  • Gandhiji honored him with the title of ‘Patriot of Patriots’.
  • Bose’s political guru – Chittaranjan Das.

Slogans given by him:

  • ‘Jai Hind’ (still famous today as national slogan).
  • “You give me blood, I will give you freedom” (popular slogan).
  • 5 July 1943 “Walk to Delhi!” (From Town Hall, Singapore).
As a freedom fighter
  • 1943 year- Formed ‘Azad Hind Fauj’ in collaboration with Japan.
  • July 5, 1943 – Fronted in Burma, Imphal and Kohima with British Army along with Japanese Army.
  • October 21, 1943 – Azad Hind Fauj formed a provisional government of independent India as a ‘Supreme Commander’. Which was recognized by 11 countries including Germany, Japan, Philippines, Korea, China, Italy, Manchuko and Ireland.
  • 1944 year – Azad Hind Fauj also liberated some Indian territories from the British.
  • However, in the Battle of Kohima (4 April 1944 – 22 June 1944) the Japanese army had to retreat which proved to be the turning point in the British army’s favor.

Important facts

  • The Union Ministry of Culture has announced to celebrate Netaji’s birthday as ‘Parakram Divas’ from the year 2021.
  • Martyr’s Day is celebrated every year in Japan on 18 August in Bose’s honor.
  • For the first time in 2018, Narendra Modi as Prime Minister hoisted the tricolor at the Red Fort in addition to August 15, after the completion of 75 years of ‘Azad Hind’ government.

पराक्रम दिवस

भारत पराक्रम दिवस मना रहा है। .भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। केंद्र ने राष्ट्र के युवाओं को ‘विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए धैर्य के साथ कार्य करने’ के लिए प्रेरित करने के लिए स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि देने के अपने कदम की घोषणा की। नेताजी की 125 वीं जयंती से पहले, संस्कृति मंत्रालय ने 23 जनवरी को एक परिपत्र जारी किया, जिसमें अब से हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

सुभाष चन्द्र बोस उर्फ नेता जी (23 जनवरी 1897 – 18 अगस्त 1945)

जन्म स्थान – कटक, उड़ीसा (वर्तमान ओडिशा)।

शिक्षा

  • 1919 – बीए (ऑनर्स), कलकत्ता विश्वविद्यालय।
  • 1921 – मानसिक एवं नैतिक विज्ञान में ट्राइपास (ऑनर्स), लंदन ।
  • इससे पूर्व 1920 में प्रतिष्ठित सिविल सर्विस परीक्षा आईसीएस, (इंग्लैंड) पहली बार में पास की मगर देशप्रेम के चलते कुछ दिनों बाद ही इस्तीफ़ा दे दिया।

राजनीतिक दल व उपाधि :

  • राजनीतिक पार्टी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1921–1940 (पार्टी अध्यक्ष बने 1938 में)
  • ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के संस्थापक (1939–1940)
  • गाँधीजी ने उन्हें ‘देशभक्‍तों के देशभक्‍त’ की उपाधि से नवाजा था।
  • बोस के राजनीतिक गुरु – चितरंजन दास।

उनके दिए नारे :

  • ‘जय हिन्द’ (राष्ट्रीय नारे के रूप में आज भी प्रसिद्ध)।
  • “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा” (प्रचलित नारा)।
  • 5 जुलाई 1943 “दिल्ली चलो!” (टाउन हाल, सिंगापुर से)।
स्वतंत्रता सेनानी के रूप में
  • वर्ष 1943 – जापान के सहयोग से ‘आजाद हिंद फौज’ का गठन किया।
  • 5 जुलाई 1943 – जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना से बर्मा ,इम्फाल व कोहिमा में मोर्चा लिया।
  • 21 अक्टूबर 1943 – आजाद हिन्द फौज के बतौर ‘सुप्रीम कमाण्डर’ स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी। जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको व आयरलैंड समेत 11 देशों ने मान्यता दी थी।
  • वर्ष 1944 – आजाद हिन्द फौज ने कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया था।
  • लेकिन, कोहिमा के युद्ध (4 अप्रैल 1944 – 22 जून 1944) में जापानी सेना को पीछे हटना पड़ा जो ब्रिटिश सेना के पक्ष में निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने वर्ष 2021 से नेताजी के जन्मदिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।
  • जापान में प्रतिवर्ष 18 अगस्त को बोस के सम्मान में शहीद दिवस मनाया जाता है।
  • ‘आजाद हिंद’ सरकार के 75 साल पूर्ण होने पर 2018 में पहली बार नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री 15 अगस्त के अलावा भी लाल किले पर तिरंगा फहराया था।

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